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ट्रंप की मोदी को खुले आम धमकी बोले तुम्हारा सिर चकरा जाएगा अगर तुमने अगले 5 घंटों में…

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं एक बहुत ही बेहतरीन इंसान से बात कर रहा हूँ। मैं भारतीय प्रधानमंत्री से बात कर रहा हूँ।

फिर उन्होंने उनसे पूछा कि आपके और पाकिस्तान के बीच क्या चल रहा है? मैं पाकिस्तान के साथ एक व्यापार समझौते और युद्ध की बात कर रहा हूँ।

दोनों के बीच बहुत नफरत थी, जो लंबे समय से चली आ रही है। यह अस्तित्व की एक लंबी लड़ाई थी, जो कभी खत्म नहीं होगी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मैंने पीएम मोदी से कहा कि मैं आपके साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करना चाहता, लेकिन आप दोनों परमाणु युद्ध में फंस जाएँगे।

कल फिर फ़ोन करना, लेकिन मैं आपसे समझौता नहीं करूँगा, वरना इतने ऊँचे टैरिफ लगा दूँगा कि आपका सिर घूम जाएगा।

इसके बाद, युद्ध पाँच घंटे में ख़त्म हो गया और मैंने इसे होने दिया, लेकिन अब हम बैठकर बात कर सकते हैं। हम चर्चा कर सकते हैं और कोई हल निकाल सकते हैं।

टैरिफ पर भारत का सख़्त रुख
आपको बता दें कि आज से भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया गया है, जिस पर भारत ने भी सख़्त रुख़ अपनाया है।

भारत को अब अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ़ देना होगा। कल अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ़ लगाने की अधिसूचना भी जारी की थी।

अमेरिका ने 1 अगस्त, 2025 को भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ़ लगाया था। इसके बाद, 6 अगस्त, 2025 को अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ़ लगाया।

भारत ने अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ़ को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण बताया है। साथ ही, उसने अमेरिकी आर्थिक दबाव के आगे न झुकने की प्रतिबद्धता भी जताई है।

टैरिफ लगाने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि भारत न कभी झुका है और न कभी झुकेगा। अमेरिका चाहे जितना भी दबाव डाले, भारत हार नहीं मानेगा और

टैरिफ से बचने का कोई न कोई रास्ता ज़रूर निकालेगा। अमेरिका ने रूस पर दबाव बनाने के लिए भारत पर दबाव बनाया है।

भारत टैरिफ का सामना करने को तैयार
आपको बता दें कि भारत टैरिफ का सामना करने को तैयार है। भारत टैरिफ का कूटनीतिक विरोध, जवाबी टैरिफ लगाने,

निर्यात के लिए नए बाज़ार तलाशने, घरेलू अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और रूस के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखने की रणनीति अपनाएगा।

केंद्र सरकार का ध्यान आत्मनिर्भर भारत, नए और अलग व्यापारिक साझेदारों और कर सुधारों पर रहेगा, ताकि 50 प्रतिशत टैरिफ के प्रभाव को कम किया जा सके। भारतीय अर्थव्यवस्था टैरिफ जैसी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।