उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव का बिल्कुल अनोखा और हैरान कर देने वाला अंदाज हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है।
संसद के अंदर चल रहे सियासी हंगामे के बीच डिंपल यादव एक अनोखे विरोध प्रदर्शन के तहत दूध से भरा हुआ डिब्बा लेकर पहुंच गईं और सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बड़ा तंज कसा।
उनका यह निराला अंदाज देखते ही देखते सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में आग की तरह फैल गया। ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ वाले बयान पर तंज
संसद परिसर में मीडिया के सामने बात करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि यह दूध उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए है, क्योंकि उन्होंने कुछ समय पहले राम मंदिर के चढ़ावे से
जुड़े कथित चोरी के मामले पर बड़ा बयान देते हुए कहा था कि इस मामले में ‘दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा’। डिंपल यादव ने सीएम योगी के इसी पुराने बयान
का हवाला देते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए यह तीखा सवाल भी दागा कि अगर हर चीज की जांच हो रही है,
तो सरकार को यह बताना चाहिए कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का पंजीकरण (Registration) है या नहीं और इसे चलाने के लिए भारी-भरकम पैसा कहां से आता है?
उनका यह प्रोटेस्ट ऐसे वक्त में सामने आया है, जब संसद में एफसीआरए (FCRA) बिल को लेकर भी सियासी पारा सातवें आसमान पर है।
FCRA बिल को लेकर सरकार पर बरसीं डिंपल यादव
संसद में विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी FCRA बिल पर चर्चा के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस नए बिल के जरिए देश के तमाम एनजीओ (NGOs) और सामाजिक संगठनों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने आशंका जताई कि इसके तहत महंगी जमीनों को जब्त किया जा सकता है और विदेशों से अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए आने वाले चंदे पर भी रोक लगाई जा सकती है।
सरकार से सीधा सवाल पूछते हुए डिंपल ने कहा कि अगर FCRA के नियमों के तहत बाकी संगठनों की कड़ी जांच की जा रही है, तो फिर आरएसएस की मौजूदा स्थिति क्या है?
क्या वह इस कानून के दायरे में रजिस्टर्ड है या नहीं? हम सरकार से इसका साफ-साफ जवाब मांगते हैं।
डिंपल यादव और विपक्ष के इन तीखे हमलों पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी कड़ा पलटवार किया है।
बीजेपी सांसद अशोक मित्तल ने FCRA बिल का विरोध कर रहे विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सिर्फ विरोध करने से किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सकता है।
उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे आएं और बिल के अंदर मौजूद कमियों को खुलकर बताएं। इसके साथ ही डिलिमिटेशन (परिसीमन) के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार देश की महिलाओं को संसद और


