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सोनम वांगचुक को लेकर बुरी खबर आई सामने, शौक में डूबा पूरा देश

मंगलवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक का वज़न 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है, उनका ब्लड प्रेशर 109/70 है.

उनकी बिगड़ती सेहत ने समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है. हज़ारों लोग उनसे अनशन समाप्त करने की अपील कर रहे हैं.

लेकिन 59 वर्षीय वांगचुक अपने फ़ैसले पर अडिग हैं. उन्होंने कहा, “मैंने जो शुरू किया है, उसे उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना होगा.”

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शुरू किया है. यह संगठन भारत में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहा है.

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आंदोलनकारियों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफ़ा दें.

उनका कहना है कि मई की शुरुआत में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी और इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए.

हालांकि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा देने से इनकार करते हुए सीजेपी और उसके समर्थकों को “विघटनकारी तत्वों की बी-टीम” बताया है और कहा है कि उन्हें देश की तरक्की पर भरोसा नहीं है.

लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.

खुद को महात्मा गांधी का अनुयायी बताते हुए वांगचुक कहते हैं कि वे गांधी के अहिंसक आंदोलन के सिद्धांतों में विश्वास करते हैं और उसी तरह भूख हड़ताल के ज़रिए सरकार की अंतरात्मा को जगाना चाहते हैं.

सोनम सर’ के नाम से लोकप्रिय वांगचुक लद्दाख की सबसे सम्मानित सार्वजनिक शख्सियतों में गिने जाते हैं. उनका काम भारत ही नहीं, दुनिया भर में सराहा गया है.

मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले वांगचुक ने लद्दाख को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में मदद करने के कई उपाय सुझाए और उन्हें विकसित किया.

वे ‘आइस स्तूप’ विकसित करने के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं. यह बौद्ध स्तूपों से प्रेरित शंकु के आकार का कृत्रिम हिम स्तूप है, जो सर्दियों में पानी जमा करता है

और वसंत के अंत में किसानों को पानी उपलब्ध कराता है, जब उसकी सबसे अधिक ज़रूरत होती है. सोनम वांगचुक को उनके कामों के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं,

जिनमें 2018 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार भी शामिल है, जिसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है. वे 2009 की सुपरहिट बॉलीवुड फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ के प्रमुख किरदार की प्रेरणा भी रहे हैं.

2017 में वे अमिताभ बच्चन द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में विशेष अतिथि के रूप में भी शामिल हुए थे. पिछले साल अक्तूबर में सरकार ने वांगचुक को यह आरोप लगाते हुए गिरफ्तार किया था

कि उन्होंने लद्दाख में विरोध प्रदर्शनों को भड़काया. वांगचुक ने इन आरोपों से इनकार किया. करीब 170 दिन जेल में रहने के बाद सरकार ने उनके ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप वापस ले लिए और उन्हें रिहा कर दिया.